कब्ज दूर करने के घरेलू उपाय और तरीके

कब्ज – मल त्याग करते समय कष्ट होने को कब्ज कहते है। कब्ज में मल कठिनता से निकलता है। कुछ लोगों को मल निकलता ही नहीं है। देखने में …

ईसबगोल के फायदे और रोगों में प्रयोग

ईसबगोल पौष्टिक , मधुर , ग्राही, शीतल, कसैली, मूत्रल, बस्तिशोधक, किंचित वातकारक और रक्तातिसार, रक्तपित्त, आध्मान, उष्णवात, शुक्रमेह और कफपित्तनाशक है। ईसबगोल प्रभावी होने के कारण संग्रहणी रोग में …

इलायची के फायदे और रोगों में प्रयोग

इसके सदैव हरे रहने वाले पौधे अदरक के पौधे जैसे होते है और वे प्रायः ऐसे ही स्थानों में होते है , जहां की जमीम तर और छायादार होती …

इमली के फायदे और घरेलु उपचार में इमली का उपयोग

इमली कच्ची इमली – अति खट्टी, भारी, गरम, रुचिकारक, मलरोधक, अग्निदीपक, वातनाशक, कफपित्तकारक, आंत्र-संकोचक, रक्तदूषक, आमकारक, विदाही है तथा वात और शूल रोग में पथ्य है पकी इमली – …

आम के फायदे और रोगों में प्रयोग

  आम सर्वप्रिय फल है। सब कोई इसे बड़े प्रेम से खाते हैं और इसे सब फलों में श्रेष्ठ मानते है। इसीलिए इसको नृपप्रिय, फलश्रेष्ठ , फलाविराज कहते है। …

चिरचिरा के फायदे और रोगों में प्रयोग

श्वेत और लाल दोनों प्रकार के अपामार्ग की जरियां पत्तों के डंठल के मध्य प्रदेश से निकलते है। वे दीर्घ , कर्कश, कटीली सी होती है। इसमें ही सूक्ष्म …